Description
श्री शंकर दिग्विजय आचार्य शंकर का दिग्विजय अभियान सर्वथा
अहिंसात्मक अभियान था । आप इस ग्रन्थ में वर्णित शंकराचार्य के जीवनवृत्त में उनके बाल्यकाल, संन्यासग्रहण, व्यास दर्शन, कुमारिल, मण्डन मिश्र व उभयभारती से शास्त्रार्थ; शंकराचार्य का कामकला शिक्षा हेतु परकाया प्रवेश, उग्रभैरव पराजय, हस्तामलक से सम्पर्क, तोटकाचार्य वृतान्त, भट्ट भास्कर शास्त्रार्थ; जैन व बौद्धमत का खण्डन, उनकी बदरी-केदार यात्रा इत्यादि सभी घटनाओं से शंकर दिग्विजय द्वारा वेदान्त के अद्वैतमत में दिये गये अद्वितीय योगदान से अवगत होंगे।











Reviews
There are no reviews yet.